प्रेम गीत
, ❤️*प्रेम/गीत*❤️
प्यार केरि छैंया बैठि सस्तैबै।
दिलन केरि नदियां गोता लगैवै।।
तुम मत दिखलावौ बाल्टी छूंछी।
आबौ पास बैठि खैरियत पूछी।।
गंगा के जल से जिया नहिलाई।
घोलि-घोलि मिश्री दिलका पिलाई।।
दिलों की बढती दिखे मोरि थडकन।
प्यार के बवंडर दिल केरि फड़कन।।
एक दूजे दिल मां प्यार खिलैबै।
दिलन केरि नदियां गोता लगैबै।१।
❤️🇹🇯१❤️
गंगा जैस पावन मन -मन भावन।
वृंदावन नगरिया लोक लुभावन।।
बांसुरी की ध्वनि दौडि आय गैंया।
प्रेम की बगलिया खड़ा कन्हैया।।
अंधियार छायो नेह पगदंडी।
प्यार केरि जग म फूटि रही हंडी।।
प्रेम- प्यार किस्से अपने सुनैबै।
दिलन केरि नदियां गोता लगैबै।२।
❤️🇹🇯२❤️
आओ झुलाई प्यार की झुलनियां।
एक दिन बनाइब तुमका दुल्हनियां।।
गंगा मैया की सौगंध तुमका।
छोड़ेउ न हथवा मझधार हमका।।
नये -नये किससे तुमका सुनाइब।
प्यार केरि धारें दिल मा बहाइब।।
नित-नित,नये-नये खेल हम खिलैबै।
दिलन केरि नदियां गोता लगैबै।३।
*स्वरचित बेधड़क*
गोला खीरी यूपी
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