दीप जलाकर देहरी पर
दीप जलाकर देहरी पर जब तुलसी की पूजा होगी
हृदय कुंज में कुंज बिहारी मुरती की पूजा होगी
नकारात्मक राजनीति का ये भी ऐसा पहलू है
जब कुर्सी पर बैठ गए तो कुर्सी की पूजा होगी
डर डर कर के जीने वालों को वो आज समझते हैं
उल्टी-सीधी उनकी बंदर घुड़की की पूजा होगी
अपनी संस्कृति की मर्यादा हमको आज बचाना है
चलो दशहरे के दिन भाला बरछी की पूजा होगी
मंदिर खुलने और बंद होने की सीमा निश्चित है
मन मंदिर में कान्हा तेरी मरजी की पूजा होगी
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