ग़ज़ल ज़रा सी बात पर ही लोग क्यूं कर रूठ जाते हैं।
ज़रा सी बात पर ही लोग क्योंकर रूठ
जाते हैं।
बहुत मजबूत दिल रखते हैं फिर भी टूट जाते हैं।
किसी को ज़िन्दगी मौक़े कभी ज़्यादा नहीं देती
समय की तेज़ आंधी में भी रिश्ते छूट जाते हैं।
किसी को देख लें हंसते हुए तो लोग शातिर कुछ
लुटेरों की तरह ख़ुशियों को अक्सर लूट जाते हैं।
कोई ये मान बैठा था कभी हम खिल न पाएंगे।
मगर हम बीज हैं जो बंजरों में फूट जाते हैं।।
टिप्पणियाँ